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खनिज विभाग की अनदेखी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं पत्थर माफिया। स्टोन क्रेशर में खपाया जा रहा है अवैध पत्थर
March 21, 2020 • रिटर्न विश्वकाशी न्यूज (आर वी न्यूज लाइव )

खनिज विभाग की अनदेखी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं पत्थर माफिया। स्टोन क्रेशर में खपाया जा रहा है अवैध पत्थर

आर वी न्यूज़ संवाददाता आशीष कुमार दुबे

ग्राम पंचायत जोगियानी के ग्राम बसौड़ा मे अवैध खदानों में धड़ल्ले से हो रहा पत्थरों का खनन। 

सिंगरौली बैढ़न 21/03/2020  : माड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जोगियानी के ग्राम बसौड़ा में संचालित एक स्टोन क्रेशर का संचालक इन दिनों पत्थरों के अवैध उत्खनन को लेकर सुर्खियों में है। बैढ़न जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जोगियानी के ग्राम बसौड़ा में एक स्टोन क्रेशर का संचालन योगेश सिंह निवासी मकरोहर द्वारा किया जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा योगेश सिंह के नाम दिनांक 20/07/2017 को ग्राम मकरोहर में पत्थर उत्खनन हेतु 10 वर्ष की अवधि के लिए पट्टा (लीज) दिया गया है। जिसका खसरा क्रमांक 178, कुल रकबा 1 हेक्टेयर है। कहने को तो योगेश सिंह के पास ग्राम मकरोहर में पत्थर उत्खनन का पट्टा है। किंतु योगेश सिंह द्वारा मकरोहर स्थित खदान से पत्थरों का उत्खनन नाम मात्र का कराया जा रहा है। ताकि भविष्य में उक्त खदान का उपयोग किया जा सके।

सूत्रों का कहना है कि स्टोन क्रेशर संचालक द्वारा वर्तमान में ग्राम बसौड़ा के चकेरी पहाड़ी, बसौड़ा मोड़ के पास की पहाड़ी तथा ग्राम बसौड़ा में जहां पर यह स्टोर क्रेशर संचालित है उसके अगल- बगल स्थित जमीनों से प्रतिदिन भारी मात्रा में पत्थरों का अवैध उत्खनन कराकर स्टोर क्रेशर मे खपाया जा रहा है। क्षेत्र में बेरोजगारी का आलम यह है कि गांव के बेरोजगार युवक चंद पैसों के मजबूरी वश आसानी से इन पत्थर माफियाओं के झांसे में आ जाते हैं। इन अवैध पत्थर खदानों में काम करने वाले बेरोजगार युवकों का कहना है कि दिनभर कमरतोड़ मेहनत करने के बाद एक ट्राली पत्थर के लिए मात्र 400 रूपये की भुगतान किया जाता है। जबकि इन्हीं पत्थरों को गिट्टी का रूप देकर स्टोर क्रेशर के संचालक योगेश सिंह द्वारा 32 सौ से लेकर 34 सौ रुपए प्रति ट्राली तक मे गिट्टी बेची जाती है। यानी 8 गुना मुनाफा पर।

लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बैढ़न स्थित कार्यालय से ही स्टोन क्रेशर और पत्थर खदानों की जांच पड़ताल कर लेते हैं। और शायद ही कभी नियमित जांच के लिए क्षेत्रों का भ्रमण करते हो। खनिज विभाग की इसी लापरवाही का भरपूर फायदा पत्थर माफिया उठाते हैं और सरकार को लाखों रुपए राजस्व का चूना हर वर्ष लगाते रहते हैं।ऐसे में अब देखना यह है कि खनिज विभाग क्षेत्र भ्रमण कर इन अवैध पत्थर कारोबारियों पर क्या कानूनी कार्रवाई करती है।