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जिले में रेत माफिया खनिज विभाग की मिलीभगत से बड़ी मात्रा में ग्राम पंचायतों की रेत को महंगे दामों में यूपी में बेचा जा रहा हैं। जिसमें नेता,मंत्री व पुलिस विभाग मुकदर्शक बना  है
February 11, 2020 • रिर्टन विश्वकाशी न्यूज (आर वी न्यूज )

जिले में रेत माफिया खनिज विभाग की मिलीभगत से बड़ी मात्रा में ग्राम पंचायतों की रेत को महंगे दामों में यूपी में बेचा जा रहा हैं। जिसमें नेता,मंत्री व पुलिस विभाग मुकदर्शक बना  है

 मनोज कुमार दुबे

लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ती दर पर रेत उपलब्ध कराने के लिए शासन ने रेत खनन नीति में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को रेत खदाने संचालित करने के लिए अधिकृत किया था। पंचायतों को रेत खदाने आवंटित होते ही रेत माफिया ने अपना कब्जा जमा लिया है। ग्राम पंचायत,रंपा,भुडकूड चौरा,जरहॉं,रैला,शीतुल,जरौधि,वदेवरी,सिंगरौलीया,कटौली, पिपराकुरंद व हर्रहवा व इनसे सटे रेत भंडारणकर्ताओं का पोर्टल बंद कर उर्ती, कांदोपानी, पिपराकुरंद, ओरगांई व हर्रहवा के रेत भंडरण में दो से तीन गुना अधिक स्टॉक व रेण नदी में अवैध रेत उत्खनन व लोडिंग करते हुए आठ सौ रुपए प्रति घन मीटर बिक्री किया जा रहा है।

खनिज व पुलिस की मिलीभगत से चल रहा कारोबार,
इस क्षेत्र में जो भी रेत भंडारण हुआ है। उसमें 90 प्रतिशत से अधिक रेत अवैध खदानों से निकाला गया है। भंडारणकर्ता उर्ती, पिपराकुरंद व कांदोपानी खदान की रायल्टी न दिखाकर दूर के पंचायतों से ऑनलाइन रायल्टी काटे गए हैं। जबकि रेत कांदोपानी, पिपराकुरंद से सटे रेण नदी से उठा रहे हैं। बताया गया है कि शासन की ओर से 125 रुपए प्रतिघन मीटर बालू का मूल्य निर्धारित किया गया है। लेकिन भंडारणकर्ताओं की ओर से आठ सौ रुपए प्रति घनमीटर की दर से रेत बिक्री किया जा रहा है।वही बात करते हैं कि भुडकूड ग्राम मे भी पंचायती कार्य के नाम पर कई जगह पर रेत का भण्डारण कर निर्धारित मापदंण्ड से अलग मूल्य मे विक्रय करवाया जा रहा है।

वही नदी के दूसरे छोर पर स्थित बसौडा ग्राम से हजार की संख्या मे लोग ट्रैक्टर से रेत लेकर बीना किसी रोयॉल्टी के ही दिन-रात कर रहे उत्खनन एवं मानक के आधार पर एक रेत खदान की लीज के नाम पर नदी मे जगह जगह कई सारी पीसी मशीन लगाकर नदियो का दोहन कर रहे माफीयॉ के तार काफी लम्बे दीख रहे है। जिसके वजह से जिले के कुछ जाने माने पत्रकार भी सच दिखाने की बजाय इस धन्धे में संलिप्त लोगो से हजार रुपये मे ही अपनी खबर को प्रकाशित नही करते है। और सीधे तौर पर कहे कि चाटुकारिता करने वाले को गुलाबी नोटो के सामने नतमस्तक होना ही पड़ा है।

 

खनिज विभाग के साथ तालमेल
खनिज विभाग के साथ तालमेल बनाकर रेत माफिया पिपराकुरंद, हर्रहवा, ओरगांई, उर्ती की रेत पर अपना कब्जा जमाकर गुर्गों के साथ यहां से रात-दिन रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन व डंप कर रहे हैं। जिस पर प्रशासन लगाम लगाने में विगत कई महीनों से नाकामयाब नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत जिला किसान खेत 

महकमा अनजान 
रेत कारोबारी खुलेआम रेत का खनन कर रहे हैं। पंचायत को जिस रकबे की रेत खदान स्वीकृत की गई है उससे ज्यादा रकबे पर यहां से रेत को अवैध रूप से निकाला जा रहा है। खनिज अमला यहां पर संयुक्त रूप से कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्राम पंचायत पिपराकुरंद, हर्रहवा, ओरगांई के आसपास रेत माफिया की तरफ से दर्जनों जगह अवैध रूप से रेत का भंडारण भी किया गया है।

यूपी भेजी जा रही रेत 
अवैध रेत के भंडारणों से रात में मशीनों के माध्यम से डंपरों में रेत भरी जाती है और उसे यहां से यूपी भेज दिया जाता है। फिर वापस दिन में इन्हीं स्थानों पर अवैध उत्खनन कर वापस रेत डंप कर दिया जाता है। लंबे समय से रेत का अवैध काम और अवैध उत्खनन निरंतर जारी है। खनिज विभाग को जानकारी होने के बावजूद भी रेत का अवैध कारोबार कर रहे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।