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जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन सिंगरौली का रिश्वत लेते वीडियो वायरल
September 8, 2020 • रिटर्न विश्वकाशी न्यूज (आर वी न्यूज लाइव )

जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन सिंगरौली का रिश्वत लेते वीडियो वायरल

जिला ब्यूरो चीफ विवेक पाण्डेय कैमरामैन राहुल देव प्रजापति

मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) ब्यूरो न्यूज़- मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला पंचायत सिंगरौली में पदस्थ जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अंजुला झा द्वारा स्थानांतरित मिशन कर्मी को रिलीव ना करने हेतु 30000/ रुपए नगद कलेक्ट्रेट के सामने अपने ड्राइवर के हाथों रिश्वत ली गई और 50000/ रुपए अपने पति के खाते में जमा करने हेतु मिशन कर्मी के ऊपर दबाव बनाया गया किंतु 50000/ रुपए अपने पति के खाते में ना प्राप्त होने के कारण मिशन कर्मी को सिंगरौली जिले से मुरैना जिले को करुणा काल के  विकट परिस्थिति में रिलीव करा दिया गया जिस संबंध में इन दिनों पूरे प्रदेश में श्रीमती अंजुला झा का ऑडियो और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें अंजुला झा द्वारा साफ कहा जा रहा है कि मेरे द्वारा तुम्हें रोक लिया गया है अब तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है जितने राशि की मांग की जा रही है उतनी राशि यदि पहुंचा दोगे तो सिंगरौली से तुम्हें कोई रिलीव नहीं कर पाएगा। अंजुला झा पूर्व में आजीविका मिशन जिला डिंडोरी में पदस्थ थी वहां पर उनका कार्यकाल बेहद ही खराब था जिस कारण इनकी सेवा समाप्ति वरिष्ठ कार्यालय द्वारा कर दी गई थी साथ ही इनका चयन जिला प्रबंधक कौशल उन्नयन, और जिला परियोजना प्रबंधक के पद पर चयन हुआ था किंतु पिछला सर्विस काल बेहद खराब होने के कारण इनका चयन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरस्त कर दिया गया था। फिर भी अंजुला झा बैक डोर एंट्री करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन जिला सिंगरौली के पद पर पिछले वर्ष सितंबर 2019 में पदस्थापना प्राप्त कर ली गई। जब से श्रीमती झा आजीविका मिशन जिला सिंगरौली में पदस्थ हुई है तब से लेकर अभी तक लगभग दो करोड़ का घोटाला करने में सफल हुई है प्रशिक्षण के नाम पर इनके द्वारा करोड़ों का घोटाला किया गया है इसी प्रकार करोना काल में घटिया किस्म का मास्क और सैनिटाइजर ड्राइवर के घर पर अपने पति के सहयोग से तैयार करा कर करोड़ों रुपए समूह का आड़ लेकर घोटाला किया गया है यदि इन बिंदुओं की गहनता से जांच होती है तो इस पूरे मामले का पर्दाफाश हो सकता है। जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को मैनेज करने में लगी हुई है वीडियो वायरल हुए 5 दिवस हो गया है फिर भी इनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है अगर यही कोई छोटा कर्मचारी होता तो उसके ऊपर तत्काल कार्यवाही हो जाती है इसी से पता चलता है कि प्रशासन द्वारा इतना भेदभाव किया जाता है वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने के लिए सारे अधिकारी जुड़ जाते हैं।