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गंगा व रामगंगा में आने वाली संभावित बाढ़ के चलते डीएम ने किया गंगा पार क्षेत्र का गहन निरीक्षण
August 19, 2020 • रिटर्न विश्वकाशी न्यूज (आर वी न्यूज लाइव )

गंगा व रामगंगा में आने वाली संभावित बाढ़ के चलते डीएम ने किया गंगा पार क्षेत्र का गहन निरीक्षण

संवाददाता सचिन यादव फर्रुखाबाद

गंगा व रामगंगा में आने वाली संभावित बाढ़ के चलते दिये चैकियां स्थापित करवाने की तैयारी के निर्देश, बोले बाढ़ से घबराने की जरूरत नहीं, प्रशासन पूरी ताकत लगाकर बनेगा ग्रामीणों का सहयोगी

जनपद फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश  रिर्टन विश्वकाशी (RV NEWS LIVE) व्यूरो न्यूज- फर्रुखाबाद। कोरोना काल में जिले को कई महीनों तक कोरोना से मुक्त रखने वाले जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बाढ़ से भी मोर्चा लेने का पूरा-पूरा मन बना लिया है। संभावित बाढ़ की संभावनाओं को लेकर जिलाधिकारी ने गंगा और रामगंगा के बीच के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया और पानी के कटाव तथा बाढ़ पीड़ितों को आने वाली कठिनाइयों की समीक्षा की। इसके साथ ही डीएम ने बाढ़ सहायता कार्य के लिए मातहतों को मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिये।
जिलाधिकारी ने गंगा पार क्षेत्र में उन स्थानों पर जाकर बाढ़ की संभावनाएं देखीं जहां पर प्रतिवर्ष बाढ़ आती है, गांव-गांव के कट जाते हैं और ग्रामीणों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अपनी ताकत झोंकता है। इस बार भी जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए कमर कस ली है। ओजस्वी और साहसी जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह कोरोना के बाद अब बाढ़ की विभीषिका से दो-दो हाथ करने की तैयारी में जुट गये हैं। 

इसके चलते उन्होंने रामगंगा से आने वाली तबाही का अंदाजा लिया। रामगंगा के पुल पर खड़े होकर पानी के जल स्तर व बहाव को देखा। मालूम हो कि रामगंगा भारी भूमि कटाव करती है। गंगा से अधिक रामगंगा बाढ़ के समय पर खतरनाक रूप धारण करती है। रामगंगा के आस-पास के गांवों में नदी के बढ़ते हुए जल स्तर को देखकर आस-पास गांवों के ग्रामीण भयभीत बने हुए हैं और उन्होंने पलायन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से भारी कटाव होता है। महीनों तक बाढ़ की विभीषिका गंगा पार क्षेत्र में बनी रहती है। बाढ़ का जबरस्त तांडव इस क्षेत्र में देखने को मिलता है और हर वर्ष किसान बर्बाद होते हैं। एक साल में वे अपने को कुछ स्थापित कर पाते हैं तब तक फिर बाढ़ आ जाती है। हालांकि इस वर्ष तो कोरोना की त्रासदी ने तो सारी अर्थव्यवस्था ही ध्वस्त कर रखी है ऐसे में बाढ़ का आना कोढ़ में खाज जैसा प्रतीत हो रहा है। 
इधर कोरोना का संक्रमण उधर बाढ़ का आक्रमण आखिरकार आदमी इन प्राकृतिक आपदाओं की जबरस्त मार कहां तक झेलेगा। ऐसे में भी साहस का परिचय देते हुए डीएम ने पूरे हौसले के साथ सभी प्राकृतिक चुनौतियों से निपटने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां तो मुकाबला करने के ही होती हैं और हर हाल में सारी चुनौतियों का मुकाबला हर हाल में किया जायेगा। ग्रामीण भयभीत न हों प्रशासन उनके साथ है जहां पर होगा सहयोग, सहायता सभी कुछ किया जायेगा।