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Coronavirus in UP: कोरोना के खौफ से मंडल में अब तक दूसरी आत्महत्या, जांच रिपोर्ट आने से पहले ही संदिग्ध मरीज ने मौत को लगाया गले
April 2, 2020 • रिटर्न विश्वकाशी न्यूज (आर वी न्यूज लाइव )

Coronavirus in UP: कोरोना के खौफ से मंडल में अब तक दूसरी आत्महत्या, जांच रिपोर्ट आने से पहले ही संदिग्ध मरीज ने मौत को लगाया गले

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर मंडल में पिछले चैबीस घंटे में कोरोना के खौफ से अब तक दो लोग फांसी लगाकर मौत को गले लगा चुके हैं। बुधवार रात जहां कोराना वायरस के खौफ से सहारनपुर में गन्ना विकास परिषद शेरमऊ के क्लर्क ने फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं गुरुवार सुबह शामली में एक निर्माणाधीन अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्याओं के बाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है:-



स्वास्थ्य विभाग द्वारा शामली जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बनाए गए क्वॉरेंटाइन वार्ड में भर्ती कोरोना के एक संदिग्ध  ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एसपी शामली विनीत जयसवाल के अनुसार आज सुबह सीएमओ शामली संजय भटनागर ने पुलिस को सूचना दी कि स्वास्थ विभाग द्वारा निर्माणाधीन जिला अस्पताल के क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कोरोना संदिग्ध युवक ने आत्महत्या कर ली है । सूचना पर आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।

एसपी के अनुसार युवक के गले में गमछा का फंदा लगा मिला है जिससे प्रतीत हो रहा है कि इसने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की है। युवक निवासी गांव  नानूपुरी, थाना कांधला है। सूचना पर डीएम और एसपी विनीत जयसवाल, सीएमओ संजय भटनागर व जिले के तमाम आला और स्वास्थ विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मौत को गले लगाया
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि कोरोना संदिग्ध कर्मवीर दिल्ली में सब्जी आदि बेचने का कार्य करता है। दो दिन पहले ही वह दिल्ली से अपने गांव लौटा था। उसने खुद सरकारी अस्पताल पहुंचकर बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद ही उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

कोरोना के लक्षण बताते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारियों से खुद ही एडमिट करने का अनुरोध किया। इसके बाद उसे 31 मार्च को भर्ती कर लिया गया था। उसके नमूने लेकर मेरठ जांच को भेज दिए गए थे जिसकी संभवत आज शाम तक रिपोर्ट आनी है।

अविवाहित था युवक, काम में भी हो रहा था नुकसान : डीएम
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि कर्मवीर को भर्ती करने से पहले उसके द्वारा दी गई जानकारी और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार युवक दिल्ली में सब्जी आदि का कार्य करता था। इस काम में भी उसे नुकसान हो रहा था।

40 साल उम्र होने के बावजूद अभी भी वह अविवाहित था और अक्सर बीमार भी रहता था। संभवत इन सभी कारणों से वह डिप्रेशन में भी था। अभी तक उसकी कोरोना संबंधी जांच रिपोर्ट भी नहीं आई थी इसलिए यह भी नहीं माना जा सकता कि कोरोना की वजह से उसने यह कदम उठाया है। 

संदेह के दायरे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली
स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में भर्ती कोरोना वायरस के संदिग्ध के इस तरह आत्महत्या करने के मामले में स्वास्थ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। इस संबंध में यदि किसी स्तर पर कोई लापरवाही रही है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। 

डीएम के अनुसार युवक में कोरोना के कुछ लक्षण नजर आ रहे थे। उसकी तबीयत को देखते हुए उसे अन्य लोगों से अलग कमरे में आइसोलेशन की तरह रखा गया था। एसपी के अनुसार प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।

इससे पहले सहारनपुर के नकुड़ में कोराना वायरस के खौफ से गन्ना विकास परिषद शेरमऊ के क्लर्क ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि वह कोराना वायरस के चलते दहशत में है और अपनी जान दे रहा है। बुधवार रात आठ बजे तक कार्यालय बंद नहीं हुआ था। पड़ोस में रहने वाले जितेंद्र ने अंदर जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। कार्यालय में क्लर्क आदेश सैनी का शव फांसी के फंदे से लटका था। आदेश रामपुर मनिहारान थाने के गांव शेरपुर का रहने वाला था। 

कोतवाली प्रभारी सुशील सैनी ने बताया कि मौके पर सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मैं कोरोना से बेहद डरा हुआ हूं और तनाव में हूं, अपनी जान दे रहा हूं, मेरा जितना भी पैसा है वह मेरी पत्नी को दे दिया जाए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी।